लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर Dard Hindi Bhari Shayari

लोग जलते रहे मेरी मुस्कान पर,

मैंने दर्द की अपने नुमाईश न की

जब जहाँ जो मिला अपना लिया,

जो न मिला उसकी ख्वाहिश न की।